Posts

Showing posts from February, 2021

मास्क का सही प्रयोग

 (मास्क आज के आधुनिक समय में सब की जरूरत बन गया है, इस आर्टिकल में इसका सही उपयोग कैसे करना चाहिए और कितनी सावधानियों से करना चाहिए, यह बताया गया है।) मास्क की जरूरत क्यों? आज हमारा पर्यावरण कुछ हद तक दूषित हो चुका है, वाहनों से निकलने वाले धुएं, धूल, छोटे-छोटे जीवाणु, वायरस यह सभी हमारी हवा में सदैव मौजूद रहते हैं, कहीं कम मात्रा में तो कहीं अधिक मात्रा में। इन सभी से बचाव के लिए हम बोलते समय अथवा सांस लेते समय अपने मुंह और नाक को किसी ना किसी कपड़े से ढक लेते हैं, हमें ऐसा करना भी चाहिए! जिस कपड़े की सहायता से हम अपने मुंह और नाक को ढक कर इन सभी दूषित तत्वों से अपनी रक्षा करते हैं, उस कपड़े को हम मास्क कह सकते हैं। मास्क के प्रकार मास्क कई प्रकार का हो सकता है, एक बड़ा-सा  रुमाल जिससे हम अपने नाक और मुंह को ढंक सकते हैं, उसे भी एक तरह का मास्क ही कहा जाएगा। आजकल अनेक प्रकार के disposal mask भी मार्केट में उपलब्ध हो रहे हैं।सूती तथा अन्य प्रकार की कपड़ों से भी मास्क बनाए जा रहे हैं। इनमें से किसी भी प्रकार के मास्क को पहनने का एक ही उद्देश्य है, अपने आप को वायरस, जीवाणु तथा दूषित हवा

खेल का महत्व

 (इस आर्टिकल में खेल की परिभाषा, प्रकार के साथ हमारे जीवन में खेल का महत्व बतलाया गया है, जिसे जानकर खेलों के प्रति हमारी रुचि अवश्य ही बढ़ेगी।) खेल की परिभाषा  खेल से तात्पर्य है, मन बहलाव के लिए की जाने वाली चेष्टा अथवा क्रीडा। मन हमारे शरीर का एक अदृश्य किंतु अभिन्न अंग है, शरीर के पोषण के साथ-साथ अपने मन को भी प्रसन्न रखने के लिए हम अनेक क्रियाकलापों को करते हैं। उनमें से अनेक क्रियाकलाप खेल का ही रूप हैं। इसके अनेक प्रकार तथा कई नाम है, आइए हम उन्हें जानें। खेल का अंग्रेजी नाम खेल को अंग्रेजी में sport तथा game भी कहते हैं। खेल का हिंदी नाम खेल को हिंदी में अठखेली, विहार, विनोद तथा करतब आदि अनेक नामों से जानते हैं। खेल के प्रकार खेल के कई प्रकार हमें देखने को मिलते हैं। खेल के ये प्रकार  हम खेले जाने वाले स्थान, प्रतियोगिता, समय जैसे आधारों के अनुसार अनेक नामों से प्रचलित हैं। खेले जाने वाले स्थान के अनुसार खेलों का नाम कोई भी खेल हम कहां खेलते हैं, घर में, कार या बस में बैठे-बैठे अथवा किसी मैदानी स्थान पर। इस बात को ध्यान में रखते हुए खेल को outdoor games तथा indoor games नामों

संज्ञा.(Worksheet)

 प्रश्न-1) रेखांकित शब्दों के संज्ञा- भेद बताइए-(प्रत्येक वाक्य के सामने विकल्प दिया गया है) ताजमहल , आगरा में स्थित है।  (व्यक्तिवाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा) बुढ़ापा अत्यंत दुखदाई होता है। (जातिवाचक संज्ञा, भाववाचक संज्ञा) आज लड़कियां हर क्षेत्र में लड़कों से आगे हैं। (जातिवाचक संज्ञा, भाववाचक संज्ञा) कक्षा में विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। (समूह वाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा) दूध से घी बनता है। (द्रव्यवाचक संज्ञा, समूह वाचक संज्ञा) भारतीय सेना बहादुर है। (व्यक्तिवाचक संज्ञा, समूह वाचक संज्ञा) सुंदरता फूल का गुण है। (भाववाचक संज्ञा, व्यक्तिवाचक संज्ञा) श्री कृष्ण बंसी बजाते हैं। (व्यक्तिवाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा) बिल्ली, कुत्ता, गाय, भैंस ये सभी पालतू जानवर हैं।(व्यक्तिवाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा) कश्मीर और शिमला मशहूर पर्यटन स्थल हैं।(समूहवाचक संज्ञा, व्यक्तिवाचक संज्ञा)

सड़क सुरक्षा नियम का पालन

सड़क सुरक्षा नियम का पालन- हिंदी कविता दुर्घटना से बचना है  और अगर सुरक्षित रहना है, तो सड़क सुरक्षा नियम का पालन  सोच- समझ कर करना है। जब भी बाइक चलाओ, सिर पर हेलमेट लगाओ। ड्राइविंग  करते  समय, फोन पर मत बतियाओ। पैदल चलते समय भी देखो रहना सजग और सावधान। दाएं, बाएं, क्रॉसिंग का  तुम, बिल्कुल  रखना  ध्यान। जब भी हो तुम्हें ड्राइविंग करना, नशे  का  सेवन मत  करना। 'दुर्घटना से देर भली' ये समझना, तुम रोड पर रेसिंग मत करना। सड़क है सब की संपत्ति, इस पर गड्ढे तुम मत करना। सड़क है आवागमन का साधन, इसको गंदा मत करना। सड़क सुरक्षा नियमों को अब है सब को समझाना निर्बाधित आवागमन को हमको दुर्घटना मुक्त है बनाना। सड़क सुरक्षा नियम के बारे में विस्तार से जानें- 👈👈

वर्मी कंपोस्ट

 ( वर्मी कंपोस्ट एक प्रकार का जैविक उर्वरक है, जिसे ऑर्गेनिक फार्मिंग में अच्छी फसल पाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इस आर्टिकल में हम इसे बनाने की विधि, विशेषताओं एवं प्रयोग विधि का अध्ययन करेंगे।) वर्मी कंपोस्ट क्या है? वर्मी कंपोस्ट जिसे हम केंचुआ खाद भी कहते हैं, एक विशेष प्रकार की खाद है, जिसे रासायनिक खाद के स्थान पर प्रयोग करने से रासायनिक खाद से भी अधिक पैदावार होती है एवं स्वास्थ्य तथा पर्यावरण को इससे कोई भी हानि नहीं होती। इसके प्रयोग से फसलों की पैदावार तो बढ़ती ही है, इसका उत्पादन करके पर्यावरण की रक्षा भी होती है। आज पशुओं का गोबर शहरों में यहां-वहां फेंक दिया जाता है, सब्जियों के छिलके आदि कूड़ेदान में सड़कर बदबू तथा मक्खियां उत्पन्न करते हैं। वर्मी कंपोस्ट बनाकर इन सभी वस्तुओं का सही प्रयोग करके ना सिर्फ एक रोजगार उत्पन्न किया जा सकता है, बल्कि कृषि क्षेत्र में लाभ और पर्यावरण की रक्षा ये दोनों कार्य भी संभव हो जाते हैं। केंचुए की विशेषता केंचुआ ऐसा जीव है, जो निरंतर खाता ही रहता है तथा उसे मलद्वार से निकालता रहता है। एक केंचुए का भोजन 1 हाथी के बराबर होता है। केंचु

Worksheet for sentences in English grammar

  Change the following sentences into negative sentences. She help the poor and needy. Giraffe has long neck. Lion is the king of jungle. Seema is singing a song. He may be a dancer. She always suspects against you. They can jump without parachute. Mother cooked the food. I have done my work. She is writing a letter. Change the following sentences into interrogative sentences. I can solve this problem. Sunita can dance on the stage. My father is a teacher in the school. She like mangoes. Boys are playing with football. Everyone should admit mistakes. Mr Gupta goes for walking. They feel tired. She had a pet dog. You can be a good doctor.

मच्छर महाराज की स्तुति

Image
  (इस कविता में मच्छर की स्तुति के रूप में उसके होने का कारण, स्वच्छता तथा मच्छर से बचने के लिए क्या करना चाहिए, इसे हास्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है।) मच्छर महाराज की स्तुति क्या कभी आपने सोचा है, कि भगवान ने मच्छर जैसा जीव क्यों बनाया होगा? शायद.... जो लोग गंदगी करते हैं, और सफाई करना भूल जाते हैं, उन्हें सज़ा देने के लिए। क्योंकि प्रकृति में कुछ भी महत्वहीन नहीं है। सजीव, निर्जीव हर वस्तु का कोई ना कोई अपना महत्व है, तो फिर मच्छर महत्वहीन कैसे हो सकता है? तो आईए इन मच्छर महाराज की स्तुति करें, जिनकी उपस्थिति हमें साफ- सफाई करने का संदेश देती है।... मंत्र-"ओम मच्छर देवाय नमः" हाथ जोड़कर हम सब करते, रोज तुम्हारा ही गुणगान। जय- जय मच्छर महाराज जय- जय मच्छर महाराज।। खून हमारा चूस-चूस करते हो, तुम दुनिया पर राज। मार्टिन, कछुआ, गुडनाइट लेकर हम तो तुम्हें मनाएं आज। जय- जय मच्छर महाराजा, जय- जय मच्छर महाराज।। अद्भुत शक्ति है तुममें, जो करती है सबको हैरान। डेंगू, मलेरिया के तुम दाता सब रोगों की तुम हो खान। जय- जय मच्छर महाराजा, जय- जय मच्छर महाराज।। कूड़े- करकट में तुम रहते, ल

कहानी लेखन

  कहानी लेखन हिंदी साहित्य की एक ऐसी विधा है, जिसमें भूतकाल में घटित किसी रोमांचक घटना को लिखित रूप में व्यक्त किया जाता है। किसी भी कहानी को व्यवस्थित रूप से लिखने के लिए कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी होता है। आइए हम उन बातों को जानें- कहानी लेखन में सरल भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए। इसमें छोटे-छोटे वाक्य लिखने चाहिए। कहानी का आरंभ रोचक होना चाहिए। विराम चिन्ह का व्यवस्थित एवं उपयुक्त प्रयोग करना चाहिए। कहानी लेखन में अधिकांश भाग भूतकाल से संबंधित शब्दों के प्रयोग से लिखा जाना चाहिए, लेकिन किसी की कही हुई अथवा सोची हुई बात को उद्धरण चिह्नों(" ") का प्रयोग करके ज्यों का त्यों लिख देना चाहिए। कहानी को एक उपयुक्त शीर्षक (Title) देना चाहिए। शीर्षक बहुत ही कम शब्दों का होना चाहिए, अधिक बड़ा नहीं होना चाहिए। कहानी की घटनाओं को क्रमबद्ध तरीके से लिखना चाहिए। कहानी की किसी एक घटना को अधिक विस्तार नहीं देना चाहिए। कहानी छोटी हो, समझने योग्य हो, उस कहानी से कोई शिक्षा भी मिले। अब हम उपर्युक्त बातों पर ध्यान देते हुए कहानी लेखन का अभ्यास करेंगे। हम कुछ बिंदुओं का प्रयोग करके एक प्य

Little miss muffet

Image
 Little miss muffet-English rhyme Little miss muffet, Sat on a tuffet, Eating her curds and whey. There came a big spider, Who sat down beside her, And frightened Miss muffet away! Hindi meaning of the poem छोटी सी मिस मफिट, बैठी एक सीट पर, खा रही दलिया और दही । वहां आया एक मकड़ा, जो उसके बगल में बैठा  , और डर के  भागी मिस मफिट दूर!

मूर्ख गधा

Image
 मूर्ख गधा-हिंदी कहानी (यह एक मूर्ख गधे की कहानी है, जिसे अपनी मूर्खता पर अंततः पछताना पड़ता है।) एक गांव में एक व्यापारी रहता था, वह अपने सामान को शहर में स्थित बाजार में बेचने जाया करता था। अपना सामान ले जाने के लिए उसने एक गधा पाल रखा था। उस गधे की पीठ पर सामान लादकर वह अपने सामान को बेचने जाता था। जिस रास्ते से व्यापारी बाजार जाता था, रास्ते में एक नदी पड़ती थी, कमर तक पानी से होते हुए उस नदी को पार करके वह व्यापारी अपने गधे के साथ बाजार जाता था। रोज-रोज भारी सामान लाद कर ले जाने से गधा परेशान हो चुका था। वह गधा एक दिन थक कर पानी के बीच धार में जाकर बैठ गया, जब उठा तो उसे बोझ हल्का लगा, क्योंकि अधिकतर सामान पानी में बह चुका था। अब वह रोज- रोज ऐसा ही करने लगा। व्यापारी का सामान नुकसान होने की वजह से वह बहुत दुखी था। उसने गधे को सबक सिखाने की ठान ली। एक दिन व्यापारी ने गधे की पीठ पर कपास का बोझ बहुत अच्छी तरह बांध दिया, वह उसे बहुत हल्का लग रहा था। रोज- रोज की तरह वह फिर पानी के बीच में जा बैठा। लेकिन आज उसका बोझ कम होने की बजाय बढ़ गया। व्यापारी उसे आगे चलने के लिए उठाता रह गया, लेक

Froggie-English rhyme

Image
 Froggy-English rhyme Froggy, froggy, come out to play, For it is  a rainy day! Big and lovely mushrooms near, Froggy has his dinner here. Little froggy went to school, Sitting on the mushroom stool; In the sky the clouds are grey, For it is a rainy day! Hindi Meaning of the poem-Froggy मेंढक, मेंढक, खेलने के लिए बाहर आओ, क्योंकि यह बारिश वाला दिन है! बड़े और प्यारे से मशरूम के पास, मेंढक के लिए भोजन भी है। छोटा मेंढक स्कूल गया, मशरूम के ऊपर बैठा; आसमान में बादल भूरे हो गए, क्योंकि यह बारिश वाला दिन है!

आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है।

  (इस आर्टिकल में आलस्य को जीवन की असफलताओं का कारण बताते हुए उससे बचने और आलस्य को दूर करने के उपायों को निर्दिष्ट किया गया है।) आलस्य क्या है? किसी काम को करने के लिए मानसिक चेतना का अभाव ही आलस्य है। अर्थात यदि हमें कोई काम दिया गया है या उसे करना हमारी ज़रूरत है, फिर भी हमारा उस में मन न लगना, कोई ना कोई बहाना बनाना, काम को आगे की ओर टालना इसे हम आलस्य का ही रूप कह सकते हैं। यह आलस्य दो प्रकार का हो सकता है। पहला शारीरिक रूप से थकावट के कारण, दूसरा दुष्ट प्रवृत्ति के विचारों के कारण। शारीरिक रूप से थकावट के कारण जो आलस्य होता है, उसे तो हम थोड़ा सा आराम करके और कुछ अन्य उपायों द्वारा आसानी से दूर कर सकते हैं, लेकिन यदि हमारे विचारों में ही आलस्य समाया हुआ है, तो यह किसी भी दवा द्वारा दूर नहीं हो सकता है। ऐसा व्यक्ति तो केवल ठोकर खाकर ही अपने आलस्य को भगा सकता है। हमारे जीवन में सफलता को प्राप्त करने के लिए जब दृढ़ निश्चय लिया जाता है, तो जीवन की सभी बुराइयों को जिसमें आलस्य भी शामिल है, उन्हें दूर कर देता है। वास्तव में आलस्य और सफलता दोनों साथ-साथ नहीं चल सकते। यदि हम आलस्य करते ह

Worksheet for English grammar

Tense- English grammar Choose    the correct word and fill in the  blanks . He_________a letter. (Writes, writing) They_________cricket. (Plays, play) We_________dancing. (Are,am) She________gone. (Has, have) They________completed their work. (Have,has) Priya____________sleeping for 2 hours. (Has been, have been) They___________playing since 1 o'clock. (Have, had been) She__________cook the food. (Do not, did not) We___________going there. (Shall be, shall have) They_______cooked the food. (Will have, will be)

वर्ण- विचार.(Worksheet)

  Class- 4th (CBSE) ( नीचे अभ्यास के लिए कुछ प्रश्न दिए गए हैं, जो व्याकरण के ज्ञान को बढ़ाने में मददगार हैं।) प्रश्न -1) निम्नलिखित अधूरे वाक्यों के सामने कुछ विकल्प दिए गए हैं, उनमें से सही विकल्प चुनकर वाक्यों को पूरा करें। अ,इ,उ,ॠ स्वर हैं-- (हृस्व स्वर, दीर्घ स्वर,) आ,ई, ऊ,ए,ऐ,ओ,औ  स्वर हैं--(प्लुत स्वर, दीर्घ स्वर) ओऽऽम में स्वर है--(हृस्व स्वर,प्लुत स्वर) क्ष,त्र,ज्ञ,श्र हैं--(द्वित्व व्यंजन, संयुक्त व्यंजन) बच्चा, सच्चा इनमें प्रयोग किया गया है--(संयुक्त व्यंजन का, द्वित्त्व व्यंजन का) अतः, प्रातः, दृष्टि ये सभी शब्द हैं---(तत्सम शब्द, तद्भव शब्द) किसी व्यक्ति , वस्तु अथवा स्थान के नाम को कहते हैं--(संज्ञा , सर्वनाम) सुंदरता, ऊंचाई, बचपन, बुढ़ापा ये सभी संज्ञा के भेद हैं--(भाववाचक संज्ञा के, समूहवाचक संज्ञा के) मुर्गा, घोड़ा, बालक ये लिंग हैं--(स्त्रीलिंग, पुल्लिंग) कुर्सी, चूहा, घोड़ा ये वचन हैं--(एकवचन, बहुवचन)

स्वास्थ्य जरूरी या स्वाद

  (इस आर्टिकल में स्वास्थ्य और स्वाद का तुलनात्मक विवरण दिया गया है तथा इस बात को स्पष्ट किया गया है ,कि अपने स्वाद को स्वास्थ्य के अनुसार कैसे परिवर्तित किया जा सकता है।) स्वास्थ्य जरूरी है या स्वाद स्वाद और स्वास्थ्य एक ही सिक्के के दो पहलू के समान हैं, यदि केवल स्वाद के बारे में सोचा गया, तो निश्चित ही स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ेगा और यदि केवल स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर कड़वी और औषधि युक्त भोजन का ही सेवन किया जाए, तो जीवन नीरस बन जाता है। अतः हमें स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रखना होगा, लेकिन एक संतुलित मात्रा तक। जैसे माता- पिता अपने बच्चों को बिना पक्षपात के इस प्रकार उनका ध्यान रखते हैं, कि किसी भी बच्चे का अहित नहीं होने देते। आवश्यकता पड़ने पर कभी एक बच्चे को निराश भी कर देते हैं, डांट भी देते हैं क्योंकि उसी में उसका भला छिपा होता है। ठीक इसी प्रकार अपने जीवन में हमें स्वास्थ्य और स्वाद के साथ भी व्यवहार रखना होगा। केवल स्वस्थ व्यक्ति ही अपने जीवन में हर प्रकार का आनंद ले सकता है,  चाहे वह भोजन का हो अथवा मनोरंजन का। एक ऐसा बीमार व्यक्ति जो दिन- रात बिस्तर पर पड़ा

Worksheet for Hindi grammar

Hindi grammar   Class -4th(CBSE) ( यहां संयोजक एवं विस्मयादिबोधक पाठ से अभ्यास के लिए कुछ प्रश्न दिए गए हैं, जो विद्यार्थियों के लिए उनकी परीक्षा में सहायक होते हैं।) प्रश्न-1) सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति करें- ( लेकिन, किंतु, परंतु, अथवा, और, या, तो, इसलिए, मगर,   तब) राम__________श्याम बचपन के दोस्त हैं। सविता ने बहुत पढ़ाई की,_________फेल हो गई। मैं कमजोर हूं,___________मुझे कोई भी पीट देता है। जब तुम मेरी बात मानोगे,________मैं तुम्हारी बात मानूंगा। यदि शाम को खिड़की खुली होगी________मच्छर जरूर आएंगे। मैंने बहुत कोशिश की_______मैं टाइम पर स्कूल नहीं पहुंच सका। मैं आम_______केला दोनों में से कोई एक ही फल खाऊंगा। मैं खेलूंगा_________सोऊंगा। मैं खेलूंगा भी और जीतूंगा भी_______मेरी एक शर्त है। मैंने बहुत कोशिश की________प्रथम नहीं आ सका। प्रश्न -2) नीचे प्रत्येक वाक्य के सामने दो विकल्प दिए गए हैं, उनमें से सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। ________वह कभी नहीं नहाता है। (छि:!छि:!, हाय) ________कितनी गर्मी है। (अरे!, वाह!) ________तुम्हें चोट लग गई। (ओह! वाह!) _

Two little dicky birds

Image
Two little dicky birds-English rhyme Two little dicky birds, Sat on a wall; One named Peter, Other named Paul. Fly away Peter, Fly away Paul, Come back Peter, Come back Paul. Hindi meaning of the poem दो छोटे पंछी, दीवाल पर बैठे; एक का नाम था पीटर, दूसरे का था पॉल। दूर उड़ गया पीटर, दूर उड़ गया पॉल, वापस आया पीटर, वापस आया पॉल।

Worksheet for pronoun in English grammar

  1-choose the correct word and fill in the blanks. (I, we,he,she,it, they, you, this,who, where) ______is my home. ______are my friend. ______are you? ________do you live? ________are my parents. _______is Sunita. _______is my pen. _______is Shyam. _____am a good boy. ______are playing cricket.

Sunbeam Public School, Ballia

Image
  Sunbeam Public School Near Durga Mandir, Japlinganj Ballia(UP) ;  pin-277001 Contact-78000983000 Working day-Monday to Saturday Time-9am to 1pm Classes-Nur. to 10th. This is an English medium School, based on CBSE pattern. There are three branches of SPS... Branch 1-near Durga Mandir, Japlinganj Branch 2-near mafi pipra, Ballia Branch 3-Dubhar,Ballia. Photos and videos

सर्वनाम (Worksheet)

सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किए जाने वाले शब्दों को सर्वनाम चाहते हैं। जैसे- मैं, तुम, वह। सर्वनाम में तीन पुरुष होते हैं- प्रथम पुरुष-मैं, हम। मध्यम पुरुष-तुम। अन्य पुरुष-यह, वह, वे आदि। प्रश्न-1. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित सर्वनाम शब्दों के                   पुरुष   की पहचान   कीजिए। मैं तुम्हें एक उपहार दूंगा। वह मुझे कब से पुकार रहा है। मैं कल स्कूल जाऊंगा। वह हम दोनों को जानता है। यह मेरा विद्यालय है। प्रश्न-2.  दिए गए सर्वनाम शब्दों में से उपयुक्त शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए । (मैं, तुम, वह, यह, कौन, कोई, तुम्हारा, मेरा, तुम, आप) _______एक शिक्षक हूं। क्या_______मुझे जानते हैं? दरवाजे पर_______आया है? _______मेरा गांव है? देखो,_______जा रहा है। ______वहां जाओ। मेरा_____नहीं है। क्या यह_____पेन है। भारत_____देश है। ______मेरी पुस्तक है।

कर्म ही पूजा है।

(इस आर्टिकल में "कर्म ही पूजा है।" इस वाक्य की व्याख्या दी गई है, इसके लिए भगवत गीता के एक प्रसिद्ध श्लोक एवं रामचरितमानस की एक चौपाई का संदर्भ सहित विवरण दिया गया है।) कर्म ही पूजा है। कर्म करना जीवन में हर किसी के लिए उसकी जरूरत भी है और आवश्यकता भी, क्योंकि बिना कोई कर्म किए कोई भी जीव, चाहे वह कितना ही सर्व समर्थ क्यों ना हो जीवित नहीं रह सकता। यदि किसी के पास जीवन में सब कुछ है , तो भी बिना कोई कर्म किए वह अपने जीवन का निर्वाह नहीं कर सकता। पशु -पक्षी से लेकर पेड़- पौधों तक को अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए कर्म करना ही पड़ता है। यदि पौधे सूर्य प्रकाश की मदद से अपना भोजन न बनाएं, यानी अपना कर्म ना करें, तो उन पर आश्रित अन्य जीव भी अपने जीवन को चलाने का कर्म संचालित नहीं कर पाएंगे। कोई भी हो, उसे अपने जीवन निर्वाह एवं दूसरों को सहयोग करने के लिए कर्म करना अनिवार्य है। इसलिए कहा गया है, कि "कर्म ही पूजा है।"             भगवान भी मनुष्य के किए गए कर्मों से ही प्रसन्न होते हैं। किसी भी धर्म में अच्छा कर्म करने पर ज़ोर दिया गया है, क्योंकि अच्छा कर्म मनुष्य को सन